पोर्न साइट्स को सर्च करने में भारत सबसे आगे है. लेकिन अगर इस बारे में नॉलेज की बात करें तो भारत में काफी कमी पाई जाती है. हमारे यहां लोग इसे देखते तो है, लेकिन इसके बारे में जानने की जद्दोजहद नहीं उठाते. समाचार कैफे ने 100 लोगों से पूछा कि पोर्न मूवी को ब्लू फ़िल्म क्यों कहा जाता है, जबकि ये ब्लू नहीं रंगीन होती है. लेकिन इस सवाल का जवाब केवल 5% लोग ही जवाब दे पाए.

इस लिए हमने सोचा सबको एकसाथ बता देते हैं की पोर्न मूवी को “ब्लू फिल्म” क्यों कहते हैं. पोर्न मूवी को “ब्लू फिल्म” कहने के दो कारण हैं जो सही लगे मान लेना.

पहला कारण-

कुछ लोगों को मानना है कि हताश, परेशान, बिगड़ैल और सभ्य नागरिकों के लिए उत्तेजक वीडियो बनाया जाता था, जिसे व्ययस्क फ़िल्म माने ADULT FILM कहा जाता था. वहीं भारत और श्रीलंका जैसे देशों में इसे इन्हें ब्लू फिल्म कहा जाने लगा. ब्लू शब्द ग्रेट ब्रिटेन से आया है, जो उत्तेजक, भद्दा और अश्लील कार्यों के लिए प्रयोग किया जाता है. आपको जान कर हैरानी हो जाएगी कि सालों पहले ग्रेट ब्रिटेन में ब्लू कानून भी हुआ करता था. भारत में 80 के दशक में ब्लू फिल्मों का चलन बढा. वीसीआर, वीसीडी आने पर यह अवैध कारोबार बन गया.

दूसरा कारण-

कुछ लोगों को कहना है कि, पहले पोर्न इंडस्ट्री ज्यादा विकसित न होने के कारण इन फिल्मों का बजट काफी कम हुआ करता था, इसीलिए इन फिल्मों की ब्लैक एंड व्हाइट रीलों को कलर करने के लिए सस्ते तरीके अपनाये जाते थे, और जिसमे ब्लू कलर के ही ज्यादा शेड्स दिखाए जाते था, क्योंकि यह कलर ज्यादा आकर्षित करता है, इन फिल्मों के पोस्टर्स भी ब्लू ही होते थे.

आज से 30 -40 साल पहले जब सीडी प्लेयर्स, मोबाइल्स, कम्प्यूटर्स आदि उपकरण नहीं थे और घर पर पोर्न देखने का मात्र एक ही जरिया था और वो था वीसीआर. उस समय वीडियो स्टोर्स नॉर्मल वीसीआर कैसेट्स को सिंपल पॉलिथिन में दिया करते थे जबकि पोर्न मूवीज की कैसेट्स को ब्लू कलर की पॉलीथिन में दिया जाता था, ताकि उसका कवर किसी को दिखाई न पड़े.