आप अपने स्कूल में अल्फाबेट कैसे पढ़ते थे?. A फॉर apple, b से bat और c से cat. शायद ऐसे ही पढ़ा होगा. लेकिन झारखंड के एक सरकारी स्कूल में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. यहां बच्चों को अनोखा अल्फाबेट पढ़ाया जा रहा है.

 

यहां का एक शिक्षक कहता है, “ए से आदिवासी, बी से विदेशी, सी से छोटा नागपुर दस्कारी अधियिनयम, डी से धरती, ई से इमिग्रेन, एफ से फीता और घ से घंटी. शिक्षक आगे कहता है, “घ से घंटी, घंटी बजाने वाला ब्राह्मण बुड़बक (पागल) है. च से चोर, चाचा नेहरू चोरों के प्रथम मंत्री थे.”

दरअसल, ये मामला राज्य के खूंटी में पत्थलगढ़ी का है. जहां के सरकारी स्कूल में खुले आसमान के नीचे शिक्षक बच्चों को एसे अल्फाबेट पढ़ाते हैं.

स्कूल में पढ़ाए जा रहे इस पाठ पर जब न्यूज चैनल ने शिक्षा विभाग के एक अधिकारी से पूछताछ की तो वे जनाब यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है. हालांकि, अधिकारी ने इस बाबत उचित जांच किए जाने की बात कही है.