जम्मू: कटरा में स्थित माता वैष्णों देवी के दरबार में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. इनमे से कुछ लोग मां के दर्शन के लिए, तो कुछ अपने पापों का प्रायश्चित, तो कुछ अगले जन्म के लिए पुण्य का कटोरा भरने आते हैं.

कटरा से माता के मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ों पर बने टेढ़े-मेढ़े रास्तों से होकर सफर तय करना पड़ता है. ज्यादातर लोग पैदल ही इस सफर को तय करते हैं, लेकिन पैदल यात्रा करने में असमर्थ बच्चे, बुजुर्ग, बीमार और खास तौर पर दिव्यांग लोग खच्चर, पिट्ठू या हेलिकॉप्टर के सहारे मंदिर तक पहुंचते हैं.

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वैष्णो देवी मंदिर तक पहुचने में खच्चरों की भूमिका काफी अहम होती है. ये बेजुबान जानवर ज्यादा से ज्यादा वजन उठाकर इस मुश्किल रास्ते पर चलते हैं. बता दें कि यहां के खच्चरों को लेकर फेसबुक पर कई वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जिनमें खच्चरों पर हो रहे अत्याचार को दिखाया गया है.

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फेसबुक पर कई वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं

बता दें कि यहां के खच्चरों को लेकर फेसबुक पर कई वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जिनमें खच्चरों पर हो रहे अत्याचार को दिखाया गया है. ये फोटो और वीडियो कुरुक्षेत्र के रहने वाले शिवम राय ने पोस्ट किए हैं.

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इस पोस्ट में शिवम ने लिखा है कि- “हाल ही में मैं अपनी वाइफ के साथ मां वैष्णों देवी और श्री शिव खोड़ी के दर्शन के लिए गया था. मुझे मानवता पर काफी विश्वास था, लेकिन इस यात्रा के बाद मेरा मानवता से विश्वास उठ गया. आगे उन्होंने लिखा- “मैंने देखा कि बेजुबान खच्चर और घोड़े अपने ऊपर लगभग 90-100 किलो का भार उठाए 24 किमी की चढ़ाई कर रहे हैं. ये उनके स्वभाव के विरुद्ध है, क्योंकि ये जानवर समतल जगहों पर चलने और दौड़ने के लिए बने हैं और वो भी बिना कोई भार उठाए.”

खच्चरों को जमकर पीटा जाता है

उन्होंने लिखा है कि “पूरे रास्ते मैं अपनी पत्नी को खच्चरों पर हो रहे अत्याचार के बारे में बताता रहा. “खच्चर वाले लगातार खच्चरों को पीट रहे थे और उन्हें सवारी बैठाने के लिए जबरदस्ती तैयार कर रहे थे. “एक खच्चर को उसका मालिक पूंछ खींचकर प्रताड़ित कर रहा था कि उसका खच्चर उसकी बात माने। लगातार कई राउंड भारी वजन उठाने की वजह से ज्यादातर खच्चरों की हालत काफी नाजुक हो चुकी है”.