सुना था कि बेहद सुनहरी है दिल्ली
समंदर सी खामोश गहरी है दिल्ली
मगर एक मां की सदा सुन न पाए
तो लगता है कि गूंगी है बहरी है दिल्ली

इस नज़्म को एक छोटी बच्ची गा रही है और लोग इसे कठुआ वाली बच्ची के नाम पर फेसबुक और यूट्यूब खूब शेयर हो रहा है. लेकिन ये सच नहीं है.

18 जुलाई, 2017 को इस वीडियो को शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने फेसबुक पर डाला था. इमरान ने बताया कि उन्हें ये वीडियो करीब 9 महीने पहले किसी ने व्हाट्सऐप पर भेजा था. उन्हें बहुत प्यारा लगा था. लेकिन अब न जाने किसने इसे कठुआ वाली बच्ची बताकर वीडियो वायरल कर दिया और लाखों लोग इसे शेयर भी करने लगे.

इमरान कहते हैं कि ये बच्ची कठुआ वाली बच्ची जैसी दिखती है, लेकिन ये वो नहीं है. सबसे बड़ी बात बताना ही भूल गए इस नज़्म को इमरान ने ही लिखा है.