“एक विचार लो. उस विचार को अपना जीवन बना लो. उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो. उस विचार को जियो, अपने मस्तिष्क , मांसपेशियों , नसों , शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो. यही सफल होने का तरीका है.”

इन्हीं बातों को सरल भाषा में समझाने के लिए एक किताब लिखी गयी है. किताब का नाम है “Just a Thought”. जिसने इसको लिखा है उनका नाम है “वशी पांडेय”.

वशी को लिखना बहुत पंसद है, इसलिए वो लिखती हैं, और जब लिखती हैं तो क्या खूब लिखती हैं. वशी को कविता लिखने का भी शौक है.

Just a Thought- Book

वशी ने अंग्रेजी साहित्य में स्नातक किया है, लेकिन IT कंपनी में काम करती हैं.

उन्होंने just a thought किताब लिखी है एक सकारात्मक सोच पर. उनका मानना है की हम ताउम्र पढ़ते हैं और हर पल कुछ नया जानने के लिए बेचैन रहते हैं.

हमे स्कूलों में सब कुछ सिखाया जाता है लेकिन सोचना नहीं सिखाया जाता. सोचना एक बेहद मुश्किल काम है, और उससे भी मुश्किल काम है अच्छा सोचना. “Just a Thought” एक किताब नहीं एक सोच है, जिसकी मदद से आप कुछ अच्छा कर सकते हैं. 

वशी का कहना है कि इंसान के अच्छे और बुरे होने की वजह है “Just a Thought”