एक मिडिल क्लास परिवार का सपना होता है उसका बेटा-बेटी जल्द से जल्द सरकारी नौकरी में लग जाए. ये सपना लिए बेटा कई सालों से दिन रात एक कर के पढाई करता है. और फिर अचानक सपना टूट जाता है. तोड़ने वाला होता है ये सिस्टम.

ऐसा ही हुआ है SSC के छात्रों के साथ जिनका सपना तो टूटा ही साथ ही उनकी मेहनत पर भी पानी फिर गया. SSC की परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धांधली हुई. जिसके बाद देश के अलहदा हिस्सों से देश की राजधानी दिल्ली की लोधी रोड पर स्थित स्टाफ सेलेक्शन कमिशन के हेड ऑफिस के बाहर हजारों छात्रों ने एक सप्ताह से अपना आशियाना बना लिया. छात्रों की मांग है कि इस धांधली की सीबीआई जांच कराई जाए.

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जिसके बाद 5 मार्च को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी सीबीआई से जाँच कराने के आदेश दिए. एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग स्वीकार करते हैं. मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं.”

क्या है SSC पेपर लीक मामला-

ये मामला समझने से पहले आप SSC के बारे में समझ लीजिए. स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी SSC का गठन 1967-68 में किया गया था. तब इसका नाम सर्विस सेलेक्शन कमीशन था. 26 सितंबर 1977 को इसका नाम बदल कर स्टाफ सेलेक्शन कमीशन रख दिया गया. इसका काम है राज्य और केंद्र के सरकारी विभागों में ग्रुप बी और सी के स्टाफ की भर्ती का .

SSC तीन लेवल में एग्जाम करवाती है.

1. CGL – कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल जिसमें ग्रैजुएट लोग ही हिस्सा ले सकते हैं

2. CHSL – कंबाइंड हायर सेकेंडरी एग्जाम इसमें 12वीं पास

3. MTS- मल्टी टास्किंग स्टाफ इसमें 10वीं पास

इनमें से CGL, SSC का सबसे बड़ा एग्जाम हैं. इसमें ग्रुप बी की भर्ती होती है. हर साल 10 से 12 हजार पद निकाले जाते हैं. जिसका एग्जाम दो फेज में बांटा जाता है. टियर 1 और टियर 2.

टियर 1, 200 नंबर का होता है इसमें मैथ्स, इंग्लिश, जनरल नॉलेज और रीजनिंग के 25-25 सवाल होते हैं. ये ऑब्जेक्टिव एग्जाम होता है. इसका रिज्लट आता है, एसएससी कट ऑफ जारी करती है, जिसके नंबर इस कटऑफ से ज्यादा होते हैं, उसे टियर 2 के एग्जाम के दूसरे चरण में में जगह मिलती है.

टियर 2, 400 नंबर का होता है. इसमें दो पेपर होते हैं. पेपर 1- मैथ्स, पेपर 2- इंग्लिश .साल 2016 से टियर 1 और 2 दोनों ही एग्जाम ऑनलाइन में होने लगे.

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अब मामले पर आते हैं-

साल 2017 में टियर 1 एग्जाम के लिए करीब 30 लाख बच्चों ने फॉर्म भरा था. अगस्त 2017 में एग्जाम हुआ. इस एग्जाम में 1 लाख 90 हजार स्टूडेंट्स पास हो गए. अब बारी थी टियर 2 की. SSC के कैलेंडर के हिसाब से टियर २ परीक्षा का आयोजन नवम्बर में होना था लेकिन किन्हीं कारणों से परीक्षा को नवम्बर की बजाय दिसंबर में कराने की बात होने लगी. फिर दिसंबर की तारीख भी रद्द कर दी गई. आखिरकार 17 से 22 फरवरी 2018 को टियर 2 का एग्जाम करवाया गया. पूरे देश में इसके 206 सेंटर् बनाए गए.

इसी बीच फरवरी 21 को गणित की परीक्षा का प्रश्न पत्र, परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर लीक हो गया. इस प्रश्न पत्र पर सचिन चौहान नाम था. ये स्क्रीनशॉट SSC के उस इंटरफेस का था, जिसमें बच्चे पेपर देते हैं. इसमें सचिन की फोटो, उसका सिग्नेचर भी दिख रहा था.

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इस स्क्रीन शाट से एक और चीज़ सामने आया है वो था ऐनी डेस्क का लोगो. दरअसल ऐनी डेस्क एक सॉफ्टवेयर है जिससे कहीं दूर से बैठकर आपके कंप्यूटर को कंट्रोल किया जा सकता है.

इस स्क्रीन शाट के सामने आने के बाद भूचाल मच गया. सवाल था जिस एग्जाम में हेयर क्लिप, घड़ी, चूड़ी, बेल्ट, पानी की बोतल यानी सबकुछ परीक्षा केंद्र के बाहर ही रखवा लिया जाता है उसका प्रश्नपत्र कैसे बाहर आ जाता है?

छात्रों का कहना था कि SSC को इस बात की भनक पहले से लग गई थी. दरअसल, 21 फरवरी को 10:30 से मैथ्स का पेपर था. और 9:45 को ही इस पेपर की आंसर-की सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया था. जिसके बाद SSC ने बुलेट की रफ्तार से एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया.

नोटिफिकेशन में बताया कि अब मैथ्स का एग्जाम 10:30 नहीं बल्की 12:30 बजे से होगा. पूरे देश में ऐसा ही हुआ. SSC के उपर शक इसी बात से पैदा होता है. जो स्क्रीनशॉट शेयर हुआ था, वो इसी दिन के पेपर का था. लेकिन ने SSC ने इस बात को दरकिनार कर दिया और एक नोटिस जारी कर सभी आरोपों का खंडन कर दिया.

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जिसके बाद छात्र आक्रामक हो गए. सोशल मीडिया पर कई कैंपेन चलाए. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस परीक्षा में नकल करवाने के लिए 50 लाख रुपये तक वसूले जाने  तक का आरोप लगाने लगे.

मामला बढ़ा SSC की हालत खराब हो गई. तुंरत एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया. इसमें बताया गया कि कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम्स की वजह से 21 फरवरी को सुबह हुआ मैथ्स का पेपर रद किया जा रहा है. 9 मार्च को फिर ये पेपर करवाया जाएगा.

SSC के इस हरकत के बाद छात्रों का शक सच में बदल गया. अब वो परीक्षा दोबारा करवाने की बात पर कतई तैया नहीं हैं. उनका कहना है कि इसकी क्या गारंटी है कि दोबारा पेपर होने पर कोई गड़बड़ी नहीं होगी. दोबारा नकल नहीं होगी. जब पहले एसएससी कुछ नहीं कर पाया तो अब क्या करेगा.

स्टूडेंट्स का आरोप है कि एसएससी में इन एग्जाम के जरिए बड़ा घोटाला हो रहा है. नौकरियां बेची जा रही हैं. लाखों-करोड़ों वसूले जा रहे हैं. यही वजह है कि एसएससी मामले में कोई जांच करवाने की बजाय दोबारा एग्जाम करवाने के बहाने बना रहा है.

इसी के विरोध में SSC एग्जाम देने वाले देशभर के स्टूडेंट्स दिल्ली में जुटे हैं. छात्रों कि मांग है कि SSC के CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच CBI से करवाई जाए. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद. दोषियों पर कार्रवाई होने के बाद निष्पक्षता से एग्जाम करवाए जाएं ताकि मेरिट पर नौकरी मिले. पैसे के बल पर नहीं.

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जिसके बाद SSC के अधिकारी अशिम खुराना ने कहा की बच्चों CBI जांच में समय अधिक लगता है जिससे आप का समय बर्बाद होगा. इसलिए जांच के लिये विशेष जांच टीम तैयार कर इसकी जांच करा देते हैं. मगर छात्र इस पर तैयार नहीं हुए.

जिसके बाद 4 मार्च को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी सीबीआई से जाँच कराने के आदेश दिए. गृहमंत्री ने कहा “हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग स्वीकार करते हैं. मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं.”

अब देखना होगा की मामले की जांच कब तक पूरी होती है. वैसे ये मामला पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया के लिए तमराज किलविश बन रहा है. अगर पीएम साहब ने शक्तिमान बन इसको खत्म नहीं किया तो..2019 लोकसभा चुनाव में अंधेरा कायम हो सकता है.