फोटो साभार एचटी

भारत के खूबसूरत राज्यों में से एक है पहाड़ी राज्य उत्तराखंड. यहां एक ऐसी घटना घटी है, जिसे हम काल्पनिक तौर पर सही मान सकते हैं लेकिन यकींन नहीं कर सकते, लेकिन ये अक्षरशः सत्य है. इसे आप एक सस्पेंस-थ्रिलर खबर कह सकते है

इस कहानी की शुरुआत होती है 14 फ़रवरी, 2014 वैलेंटाइन डे के दिन और खत्म भी होती है 14 फ़रवरी, 2018 वैलेंटाइन डे के दिन.

काठगोदाम पुलिस के अनुसार यूपी के धामपुर जिला बिजनौर निवासी युवती कृष्णा सेन (26) जो सीएफएल फैक्ट्री के मालिक थी. उसने फेसबुक में लड़के की आईडी बनाकर काठगोदाम क्षेत्र निवासी एक युवती को प्रेम जाल में फांसा. 14 फरवरी 2014 को दोनों से गाजे-बाजे के साथ शादी रचाकर तिकोनिया क्षेत्र में किराए का घर लेकर रहना शुरू कर दिया.

शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, मगर एक दिन कृष्णा की सीएफएल फैक्ट्री में आग लग गई. काफी नुकसान हुआ. पैसों की जरूरत थी तो राधा ने अपने ज़ेवर बेच दिए. अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी और आठ लाख रुपए के लगभग कृष्णा को दिए.

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इसके बाद कृष्णा ने 29 अप्रैल 2016 को कालाढूंगी निवासी एक और छात्रा को झांसा देकर शादी रचा ली. बाद में दोनों कथित पत्नियों को धमकाकर तिकोनिया स्थित घर में साथ ही रख लिया. शक होने पर पहली शादी वाली युवती का भाई तिकोनिया से अपनी बहन को घर ले आया.

अक्टूबर 2017 में काठगोदाम निवासी लड़की ने कृष्णा पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया. करीब चार महीने चली पुलिस की जांच के बाद 14 फ़रवरी, 2018 को सीएफएल फैक्ट्री के मालिक कृष्णा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जांच में पता चला कृष्णा की कोई सीएफएल फैक्ट्री है ही नहीं. 

गिरफ्तार होने के बाद कृष्णा को जेल जाने के डर लगने लगा तो उसने सब सच बोल दिया. कृष्णा ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह पुरुष नहीं महिला है. यह सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए. पुलिस ने कृष्णा की मेडिकल जांच कराई तो उसकी बात सही निकली. पुलिस के हड़काने करे बाद कृष्णा ने बताया कि उसका असली नाम स्वीटी सेन है.

पुलिस के अनुसार कृष्णा का भेद इतने लंबे समय तक इसलिए नहीं खुला क्योंकि उसने अपनी पत्नियों को न तो कभी अपना शरीर छूने दिया और न ही उनके सामने कभी कपड़े बदले. कृष्णा अपने को पुरुष सिद्ध करने के लिए पत्नियों को मारती-पीटती थी, शराब-सिगरेट पीती थी और मोटी-मोटी गालियां देती थीं. और बाइक में घूमती.