जिस एम. जयशंकर का नाम सनते ही खून खौल उठता था उसने आत्महत्या कर ली है. जयशंकर ने बंगलुरु के बाहरी इलाके में परप्पन अग्रहारा जेल में शेविंग ब्लेड से अपना गला काट लिया. खून से लथपथ गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन तब तक खून बहुत बह चुका था. और एम. जयशंकर मर चुका था.

तमिलनाडु के सालेम में इसका बसेरा था. इसके उपर 30 से अधिक महिलाओं रेप और 15 हत्याओं का आरोप है. .यह पेशे से ट्रक ड्राइवर था. साल 2011 में शादी हुई थी. उसकी तीन बेटियां भी हैं.

एम. जयशंकर ने साल 2008 में अपराध की दुनिया में कदम रखा. अपने साथ हमेशा एक काला बैग रखता था. उसमें एक हथियार होता था. ये सनकी रेप करने के बाद उसी हथियार से शिकार की हत्या कर देता था. इसका पहला अपराध 3 जुलाई 2009 को सामने आया, जब उसने 45 वर्षीय महिला के साथ रेप की कोशिश की और उसकी हत्या कर दी. अगस्त 2009 में उसने 12 महिलाओं के साथ रेप करके उनकी हत्या कर दी. ऐसे ऐर भी मामले इसके नाम पर दर्ज है.

साल 2017 में इसके नाम पर कन्नड़ फिल्म ‘साइको शंकर’ भी बन चुकी है.

जयशंकर ज्यादातर वेश्याएं को ही अपना शिकार बनाता था. आखिरी बार 6 सितंबर 2013 को पकड़े जाने से पहले पुलिस ने उसे दो बार गिरफ्तार किया, लेकिन वह जेल से भागने में सफल हो जाता था. दक्षिण भारत के तीन राज्य तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में उसकी ऐसी दहशत कायम थी कि लोग खौफ से कांप उठते थे. एम. जयशंकर दस साल से जेल में अपने कर्मों की सजा काट रहा था.

बताया जा रहा है जेल में शेविंग करने आए नाई के बैग से जयशंकर ने ब्लेड निकाल लिया . उसे शर्ट में छुपाकर वह अपने साथ ले गया होगा. और अपना गला काच लिया. हालाकिं किसी ने भी उसे अपना गला काटते हुए नहीं देखा है. ऐसे में उसकी मौत की वजह संदिग्ध लगती है. जिसकी वजह से जेल प्रशासन ने सीरियल किलर एम. जयशंकर की मौत के जांच के आदेश दिए हैं.