व्हिस्की में विष्णु बसे, रम में बसे हैं राम, जिन में माता जानकी, ठर्रे में हनुमान, बोलो सियाराम चन्द्र की जय

ये दोहा जिसने गढ़ा था. उसका नाम है नरेश अग्रवाल. ये कभी समाजवादी पार्टी के सांसद हुआ करते थे. अब ये महोदय भाजपा के हो गए हैं. होने में जिसने मदद की है उनका नाम है पीयूष गोयल.

भाजपा में घुसते ही बोल मधुर हो गए. अब कह रहे हैं बीजेपी से मैंने कोई राज्यसभा का टिकट नहीं मांगा है. कोई शर्त नहीं रखी है. बीजेपी जो भी काम देगी वह करने को तैयार हैं.

किसी ने पूछा की क्यों आ गए भाजपा में तो उत्तर बहुत मधुर दिए हैं. जनाब का कहना है कि “जब तक कोई राष्ट्रीय पार्टी में न रहे, पूरे राष्ट्र की सेवा नहीं कर सकता. इसीलिए वह बीजेपी में शामिल हुए हैं. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित हैं उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ से प्रभावित हैं. सरकार देश में अच्छा काम कर रही है. पीएम के नेतृत्व में पूरा देश आगे बढ़ रहा है”

एक बात बताना भूल गए. इसी साल फरवरी में महोदय ने प्रधानमंत्री मरेंद्र मोदी को तेली भी कहा था.