पीएम मोदी ने एक किताब लिखी है. नाम है ‘एग्जाम वॉरियर’. इसका प्रकाशन पेंग्विन रेंडम हाउस ने किया है. इस किताब को लांच भी कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि इस किताब में पीएम जी ने एग्जाम की टेंशन को दूर करने के लिए 25 मंत्र दिए हैं.

इस 25 मंत्रों वाली किताब में पीएम मोदी ने बताया है कि छात्रों को एग्जाम किसी त्योहार और उत्सव की तरह सेलिब्रेट करना चाहिए. स्टूडेंट को पहले अपनी ताकत को पहचानना चाहिए, एक बार वह ऐसा करने में कामयाब हो जाएंगे तो नंबरों की फिक्र अपने आप दूर हो जाएगी.

अपनी इस किताब में मोदी जी ने युवाओं के लिए लिखा है कि किसी को धोखा देना सबसे सस्ता काम है, अभी तुम्हारा समय है इसका भरपूर इस्तेमाल करें, छात्रों को अपना एक टाइम टेबल बनाना चाहिए और उसको फॉलो भी करना चाहिए.

मोदी जी छात्रों से तो कह दिया टाइम टेबल बनाने लिए, लेकिन अपने छात्रों (नेता,मंत्री, मुख्य मंत्री) को कब टाइम टेबल का पाठ पढ़ाएंगे. जानकारी के लिए बता दूं अपना देश साक्षरता के मामले बहुत पीछे है. एशिया के टॉप 20 देशों में भारत का कहीं नाम ही नहीं है. अपने देश में 30 फीसदी जनता अब भी अनपढ़ है. मोदी जी को एक किताब लिखना चाहिए. नाम रखना चाहिए“साक्षरता वॉरियर” क्यों कि जब लोग पढ़ेगें ही नहीं तो एग्जाम कहां से देंगे.

आज हम आपको देश के सभी राज्यों की साक्षरता के हालात बता देते हैं. खुद देख लिए साक्षरता के मामले में कौन सा राज्य कहां खड़ा है-

 

♦ बिहार कि साक्षरता सबसे कम है. मात्र 63.82 फीसदी

♦ तेलंगाना कि साक्षरता 66.5 फीसदी है.

♦ अरुणाचल प्रदेश कि साक्षरता 66.95 फीसदी है.

♦ राजस्थान कि साक्षरता 67.06 फीसदी है.

♦ आंध्र प्रदेश कि साक्षरता 67.4 फीसदी है.

♦ झारखण्ड कि साक्षरता 67.63 फीसदी है.

♦ जम्मू और कश्मीर कि साक्षरता 68.74 फीसदी है.

♦ उत्तर प्रदेश कि साक्षरता 69.72 फीसदी है.

♦ मध्य प्रदेश कि साक्षरता 70.63 फीसदी है.

♦ छत्तीसगढ़ कि साक्षरता 71.04 फीसदी है.

♦ असम कि साक्षरता 73.18 फीसदी है.

♦ ओडिशा कि साक्षरता 73.45 फीसदी है.

♦ मेघालय कि साक्षरता 75.48 फीसदी है.

♦ कर्नाटक कि साक्षरता 75.60 फीसदी है.

♦ हरियाणा कि साक्षरता 76.64 फीसदी है.

♦पंजाब कि साक्षरता 76.68 फीसदी है.

♦ पश्चिम बंगाल कि साक्षरता 77.08 फीसदी है

♦ गुजरात कि साक्षरता 79.31 फीसदी है

♦ उत्तराखंड कि साक्षरता 79.63 फीसदी है

♦ मणिपुर कि साक्षरता 79.85 फीसदी है

♦ नागालैंड कि साक्षरता 80.11 फीसदी है

♦ तमिलनाडु कि साक्षरता 80.33 फीसदी है

♦ सिक्किम कि साक्षरता 82.20 फीसदी

♦ महाराष्ट्र कि साक्षरता 82.91 फीसदी है.

♦ हिमाचल प्रदेश कि साक्षरता 83.78 फीसदी है.

♦ दिल्ली यानी देश के राजधानी की साक्षरता 86.34 फीसदी है.

♦ गोवा कि साक्षरता 87.40 फीसदी है.

♦ त्रिपुरा कि साक्षरता 87.75 फीसदीस है

♦ मिजोरम कि साक्षरता 91.58 फीसदी है.

♦ केरल कि साक्षरता 93.91 फीसदी है.

“साक्षरता का अर्थ है साक्षर होना अर्थात पढने और लिखने की क्षमता से संपन्न होना. अलग अलग देशों में साक्षरता के अलग अलग मानक हैं. भारत में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपना नाम लिखने और पढने की योग्यता हासिल कर लेता है तो उसे साक्षर माना जाता है.”