ayushman bharat yojana

आयुष्मान भारत योजना: मोदी सरकार जाते-जाते कुछ ऐसा काम करना चाहती है कि उन्हें देश की जनता एक बार फिर सत्ता में ला सके. इसलिए एक के बाद एक काम करके आम जनता को फायदा पहुंचाना चाहते हैं. इसलिए ही तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को झारखंड के रांची में आयुष्मान भारत योजना लॉन्च किया है. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ हो गया है जिसके अंतर्गत 10 करोड़ से ज्यादा परिवार हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं. इस योजना के लॉन्चिंग के साथ पीएम मोदी ने कहा कि इस योजना का मकसद है कि समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े इंसान को और गरीब से भी गरीब को मुफ्त इलाज मिले.

पीएम मोदी ने लॉन्च की ‘आयुष्मान भारत योजना’

पीएम मोदी ने भारतीय जनता को भरोसा दिलाया है कि इस योजना से देशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य की सुविधाएं मिलेंगी. इस योजना के तहत 10 लाख परिवार यानी करीब 50 करोड़ आबादी को फायदा मिल सकता है. इस बात का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में सरकारी रुपये से इतनी बड़ी योजना किसी भी देश में नहीं चल रही. उन्होंने आगे कहा कि देश के 50 करोड़ से भी ज्यादा भाई-बहनों को 5 लाख रुपये तक का हेल्थ-इंश्योरेंस देने वाली ये दुनिया की बहुत बड़ी योजना है. जिस योजना को पाने वाले लोगों की संख्या पूरे यूरोपियन यूनियन की कुल आबादी के बराबर है. पीएम ने रांची में पीएमजेएवाई में एक प्रदर्शनी में भी शिरकत की जहां कुछ लाभार्थियों को ई-कार्ड दिया.

आयुष्मान भारत योजना 2018,
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आयुष्मान भारत योजना मुख्य उद्देश्य

आयुष्मान योजना के अंतर्गत दो नई स्कीम में आएंगे उनका नाम इस प्रकार है|आयुष्मान भारत योजना जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी कहते हैं. इसके लिए एक गोल्डन कार्ड सभी को जारी होगा. जब भी आप योजना में रजिस्टर्ड हॉस्पिटल जाएंगे वहां पर आपको आयुष्मान मित्र (आरोग्य मित्र) मिलेंगे. ये आपकी मदद करेंगे. ये सबसे पहले एक सॉफ्टवेयर के जरिए इस बात की पुष्टि करेंगे कि आप योजना के लिए पात्र हैं या नहीं. इसके लिए आपसे आधार कार्ड या आपकी पहचान का दूसरा कार्ड मांगा जाएगा.

स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र

भारत घरों के नजदीक 1.5 लाख स्वास्थ्य एवम आरोग्य केंद्र खोले जाएंगे.
आयुष्मान भारत योजना के तहत इन केंद्रों में दवाएँ और जांच मैं भी जाएगी .
आयुष्मान भारत योजना के लिए 12000 करोड़ रुपए निर्धारित बजट किया गया है.

आयुष्मान भारत योजना के लाभ

इस योजना के अंतर्गत 10 करोड़ को लाभ दिया जाएगा.
इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक की हॉस्पिटल का खर्च दिया जाएगा.
इस योजना के तहत 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनाए जाएंगे ताकि मैं मुफ्त इलाज किया जा सके.

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आयुष्मान भारत स्कीम के लिए पात्रता

AB-NHPM पात्रता आधारित योजना होगी और पात्रता SECC डाटा बेस में वंचन मानक के आधार पर तय की जाएगी. ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्‍न श्रेणियों में ऐसे परिवार शामिल हैं| जिनके पास कच्‍ची दीवार और कच्‍ची छत के साथ एक कमरा हो, ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 वर्ष की आयु के बीच का कोई व्‍ययस्‍क सदस्‍य नहीं है| ऐसे परिवार जिसकी मुखिया महिला है और जिसमें 16 से 59 आयु के बीच का कोई व्‍ययस्‍क सदस्‍य नहीं है, ऐसा परिवार जिसमें दिव्‍यांग सदस्‍य है और कोई शारीरिक रूप से सक्षम व्‍ययस्‍क सदस्‍य नहीं है, अजा/जजा परिवार, मानवीय आकस्मिक मजूदरी से आय काबड़ा हिस्‍सा कमाने वालेभूमिहीन परिवार हैं.

ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार स्‍वत: शामिल किये गये हैं जिनके रहने के लिए छत नहीं है,निराश्रित, खैरात पर जीवन यापन करने वाले, मैला ढोने वाले परिवार, आदिम जनजाति समूह, कानूनी रूप से मुक्‍त किए गये बंधुआ मजदूर हैं. 2011 के सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना में गरीब के तौर पर चिह्नित किए गए सभी लोगों को पात्र माना गया है. मतलब अगर कोई शख्स 2011 के बाद गरीब हुआ है, तो वह कवर से वंचित हो जाएगा. बीमा कवर के लिए उम्र, परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है. लाभार्थी सरकारी या निजी अस्पताल में हर साल 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे.

Ayushman Bharat Yojana जरूरी दस्तावेज

आधार कार्ड
मतदाता पहचान पत्र
या राशन कार्ड की जरूरत पड़ेगी
ध्यान रहे आधार कार्ड की कोई अनिवार्यता नहीं है

Ayushman Bharat Yojana की खास बातें

1. एक परिवार को 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त

2. परिवार की आमदनी 10,000 रुपये/महीने से कम होने पर योजना का फायदा मिलेगा

3. परिवार के मुखिया के नाम पर इंश्योरेंस का पूरा कवर होगा

4. अस्पताल में भर्ती होने पर मरीज को पैसे नहीं देने होंगे

5. मेडिकल इंश्योरेंस कैशलेस और पेपरलेस होगा

6. 1350 तरह की बीमारियां जिनमें जांच, सर्जरी, मेडिसिन शामिल है.

7. लिस्ट में मौजूद सरकारी, प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सकते हैं.

8. किसी भी राज्य में मरीज अपना इलाज करा सकते हैं

9. अस्पताल में भर्ती के लिए आधार, सरकारी पहचान पत्र दिखाना होगा

10. इस योजना का लाभ पाने वालों के लिए ये शर्त होगी कि उस परिवार की आमदनी 10 हज़ार रुपये प्रति महीने से कम हो. इस योजना के दायरे में गरीब, वंचित ग्रामीण परिवार और शहरी श्रमिकों परिवारों की पेशेवर श्रेणियां भी आयेगी.

11. नवीनतम सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना (एसईसीसी) के हिसाब से गांवों में ऐसे 8.03 करोड़ और शहरों में 2.33 करोड़ परिवार हैं. योजना का लाभ करीब 50 लाख लोगों को मिलेगा. इस इलाज को सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों में किया जा सकेगा, लेकिन सारे प्राइवेट अस्पताल में नहीं हो सकेगा.

12. देशभर में 15,000 से ज्यादा अस्पतालों ने इस योजना के लिए सूची शामिल की जाएगी और सबने इसमें दिलचस्पी भी जताई है. इसमें निजी और सरकारी दोनों अस्पताल हैं. इस योजना से जुड़ने के लिए 27 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तैयार हैं.

13. प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लालकिला से भाषण में कहा था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 25 सितंबर को सरकार ‘आयुष्मान भारत’ योजना की शुरूआत कर देगी.