2 अप्रैल को भारत बंद था. वजह थी दलितों का आंदोलन. आंदोलन शांति से होना था लेकिन कुछ उपद्रवियों ने इसे हिंसक बना दिया. इस हिंसक आंदोलन में मध्य प्रदेश साधुओं ने ‘जय भीम’ नहीं बोला तो उपद्रवी दलितों ने की पिटाईके ग्वालियर में तीन लोगों की मौत हो गई थी और करीब 200 लोग घायल हो गए थे. घायलों में 51 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. ग्वालियर शहर के तीन थाना क्षेत्रों में सोमवार से ही कर्फ्यू जारी है.

इसी दिन ग्वालियर में दलित का आंदोलन के नाम पर कुछ उपद्रवियों ने तीन साधुओं को भी जमकर पीटा था. जिन तीन साधुओं को पिटा था उनका नाम है श्यामदास महाराज उर्फ लाल बाबा, ध्रुव दास महाराज और पूरन दास महाराज. जिनका जिला अस्पताल मुरार में इलाज चल रहा है. इनके शरीर पर गहरे चोटों के निशान हैं.

श्यामदास महाराज ने बताया कि सोमवार को लाठी, डंडे और सरियों से लैस लोगों ने उन्हें घेर लिया और जय भीम बोलने के लिए कहा. बाबा श्यामदास ने उपद्रवियों से कहा कि साधु राम नाम जपता है, उसके सिवाय हमें किसी से क्या काम. इतना सुनते ही उपद्रवियों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दी और गाली बकने गले.

श्यामदास बाबा का कहना है कि हाथों में लाठी-डंडे और सरिए लिए बहुत सारे लोगों ने साधुओं को पीटा. इस दौरान गांव वालों ने साधुओं को बचाया और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया. दो साधुओं के हाथों में फ्रैक्चर है. वही एक साधु के सिर में गंभीर चोट लगी है.


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