शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में जबसे मुख्यमंत्री की कमान संभाली है तबसे लेकर अबतक महाराष्ट्र में मुसीबतों का अंबार सा फूट पड़ा है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उद्धव ठाकरे ने जबसे CM पद की शपथ ली है तभी से तमाम महाराष्ट्र वासियों को दुखों और मुसिबतों का सामना करना पड़ रहा है। ये मुसीबत चाहे कोरोना महामारी से जुड़ी हो या फिर अब सामने आ रहे चक्रवाती निसर्ग तूफान को लेकर हो। इन सभी समस्यायों के कारण पूरे महाराष्ट्र वासियों की हंसी मानो कहीं गुम सी हो गई है और उद्धव सरकार मानो बस तमाशबीन बनकर ये सब देख रही है। करें भी तो और क्या करें क्योंकि प्रकृति के आगे सब बेबस है।

एक तरफ तो महाराष्ट्र में कोरोना पीड़ितों का आकड़ा सबसे ज्यादा है। जिससे पूरे महाराष्ट्र वासियों में डर का माहौल है दूसरा अब निसर्ग तूफान ने लोगों के मन में खौफ बिठा दिया है। ये डर या खौफ इसलिए भी जायज है क्योंकि हाल ही अभी पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान ने जिस तरह से तबाही मचाई है, उससे हर किसी के मन में भी डर बैठना लाजमी है।

निसर्ग तूफान के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई के लोगों से अपील की है कि वे 2 दिनों तक घरों से न निकलें। उन्होंने कहा कि निसर्ग पहले के चक्रवात के मुकाबले ज्यादा खतरनाक होगा। हम प्रार्थना कर रहे हैं कि यहां पहुंचने से पहले वो कमजोर हो जाए। अब तो ये आने वाला वक्त ही बताएगा कि महाराष्ट्र वासियों के चेहरे पर हंसी आखिर कब तक लौटेगी?