उत्तर प्रदेश में कैराना की नवनिर्वाचित सांसद तबस्सुम हसन ने जबसे चुनाव जीता है, तबसे हर रोज कुछ असमाजिक तत्व इनके खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ अपवाह उडा रहे है. तबस्सुम यूपी की इकलौती मुस्लिम सांसद बनी है जिसकी वजह से कुछ लोग ज्यादा परेशान होने लगे है.

ऐसे में किसी ने तबस्सुम हसन की फोटो लगा कर लिखा कि तबस्सुम ने अपनी जीत के बाद कहा है कि ये अल्लाह की जीत और राम की हार है. जिसके बाद से इनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. पोस्ट को हजारों बार शेयर किया गया है, पोस्ट पे गुंड़े गाली बक रहे हैं.

जब ये सारी बात तबस्सुम को पता चली तो उम्होंने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने बताया कि-

“हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, हमारा ऐसा कुछ अलग नहीं है. हमने हमेशा चाहते हैं कि भाई सब इंसानियत में रहे हर इंसान एक-दूसरे से प्यार मोहब्बत से रहे. इन लोगों को जब कोई रास्ता नहीं मिला तो ये फेक मेसेज चला-चला के 2019 के लिए रास्ता बनाना चाहते हैं. आपको कहीं से पता चले अगर जिसने यह सब किया है तो मुझे भी जरूर इन्फॉर्म करियेगा. हम ऐसे लोग नहीं है ना हमने ऐसा कुछ कहा है कभी. अल्लाह और राम में फर्क ही क्या है, मानने वालों की बात है आस्था की बात है. जो मानता है दिल से मानता है. दिल से मानने की बात है.”

 

इसके बाद तबस्सुम ने अपने लेटर पैड पर शामली के एसपी के नाम पत्र लिखकर पूरी बात बताई और कार्रवाई करने के लिए कहा. एसपी शामली ने भी इस पत्र को कार्रवाई के लिए आगे बढ़ा दिया.

शामली के पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने शनिवार को बताया कि हसन ने शिकायत दर्ज कराकर सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वालों और सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

उन्होंने बताया कि साइबर प्रकोष्ठ मामले की जांच करेगा और फर्जी संदेश पोस्ट करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा.रंजन वर्मा के मुताबिक हसन ने मंगलवार को कैराना संसदीय सीट पर जीत दर्ज की थी.

हसन ने भाजपा की मृगांका सिंह को 44,618 मतों के अंतर से हराया था. इस तरह वह 16वीं लोकसभा के लिए उत्तर प्रदेश से पहला मुस्लिम चेहरा बन गईं.

 

शिकायत में उन्होंने कहा है कि ऐसे पोस्ट वॉट्सऐप और अन्य दूसरे माध्यमों से सामाजिक सौहार्द्रता और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाए जा रहे थे. यह एक सुनियोजित योजना के तहत किया जा रहा है.