गरीबों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए हो रही नकलविहीन परीक्षा: यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी वाले अखिलेश यादव

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अखिलेश यादव देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री रह चुके हैं. 38 साल की उम्र में मार्च 2012 में वह देश के सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे.

अखिलेश ने स्कूल की पढ़ाई राजस्थान के धौलपुर सैनिक स्कूल से की थी. इसके बाद उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी से सिविल इन्वाइरन्मेंटल इंजीनियरिंग में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री ली. अखिलेश ने यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी से भी पढाई की. अखिलेश यादव एक इंजीनियर, एग्रिकल्चरिस्ट और सामाजिक-राजनीतिक वर्कर हैं.

इनके बारे में इताना ज्ञान इस लिए बताया गया, क्यों की इन्होंने जो बोला है उसको सुन कर आपको हंसी भी आएगी और गुस्सा भी. महोदय ने यूपी बोर्ड में नकलविहीन परीक्षा कराए जाने पर योगी सरकार पर तंज कसा है और क्या खूब कसा है. इनकी माने तो गरीबों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए ये योगी सरकार की साजिश है.

बताय जा रहा है कि सपा के रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने अखिलेश यादव कन्नौज पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने योगी सरकार की खुफिया जानकारी सबके सामने ला दी. अखिलेश ने बताया, “ नकलविहीन परीक्षा गरीबों और किसानों के बच्चों को नौकरी से रोकने की साजिश है. सरकार के पास नौकरी नहीं है. इसलिए बोर्ड परीक्षा में सख्ती के इंतजाम किए गए हैं. यह सरकार गरीबों की तरक्की रोकना चाहती है. यह नहीं चाहती की गरीबों के बच्चे आगे बढ़ें.”

यूपी बोर्ड में अब तक 10 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा छोड़ चुके हैं. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल बोर्ड परीक्षाओं में हो रही सख्ती को साधने में जुटे हैं. वैसे योगी सरकार के इस फैसले की तारीफ भी खूब हो रही है. लोगों का कहना है कि जो छात्र पढ़ेंगे, परीक्षा में वही अच्छे नंबर पाएंगे, नकल भरोसे बैठे छात्र परीक्षा छोड़कर भागेंगे या फेल होंगे