उस मैच की कहानी, जिसमें “क्रिस” गेल के उपर ‘भूत’ चढ़ गया था!

नाम- क्रीस गेल.
पूरा नाम- क्रिस्टोफ़र हेनरी गेल.                                       
गांव – जमैका (वेस्ट इंडीज).                                      
कद- 188 से.मी.           
रंग– काला.
खासियत –बॉलर को बल भर मारना

साल 2015, तारीख 24 फ़रवरी यानी आज का दिन. ये वो दिन है, जब क्रिस गेल दोहरा शतक मारने वाले पहले नॉन-इंडियन प्लेयर बने थे. जिस मैच में गेल ने  करतब दिखाया था वो मैच इतिहास बन गया. इस मैच में गेल ने फुटवर्क को ताक पर रख दिया था. बस खड़े थे और मार रहे थे, वो भी धुन-धुन के.

क्या हुआ था-

आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनेबरा में साल 2015 का वर्ल्डकप मैच चल रहा था. मुकाबला था वेस्ट इंडीज और ज़िम्बाब्वे की टीम के बीच. पहली बैटिंग वेस्ट इंडीज ने की . क्रिकेट पिच पर थे गेल. तिनाशे पन्यांगारा की फेंकी पहली ही गेंद उनके पैड पर जा लगी. पन्यांगारा ने मानो जग जीत लिया. एलबीडबल्यू की तगड़ी अपील. लेकिन उस दिन किस्मत गेल के साथ थी. अंपायर ने अपील को नकार दिया. ज़िम्बाब्वे ने रिव्यू किया. रिप्ले में दिखा कि गेंद बेल्स के उपरी हिस्से पर लगी थी और गेल नॉट आउट थे. गेल वापस मैदान में आए और 105 गेंदें में 100 रन बना दिए. इसके बाद जो हुआ वो ज़िम्बाब्वे के लिए बेहद डरावना था. भूत जाग चुका था.

अगला ‘शतक’ गेल ने ’33 गेंदों’ में ठोक दिया. इस दौरान गेल ने 12 छक्के मारे. टोटल मैच में गेल ने 16 छक्के और 10 चौकों के साथ 147 गेंदों में 215 रन बना डाले. गेल ने अपना दोहरा शतक महज़ 138 गेंदें में बना लिया था. मैच की आखिरी गेंद में गेल कैच आउट हो गए.

जब मैच ख़त्म हुआ. गेल पहले ऐसे बल्लेबाज़ बन चुके थे. जिन्होंने वर्ल्ड कप में दोहरा शतक मारा हो. ये रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है.

ये देखो वो वाला वीडियो-

 

इससे अलवा उस दिन एक और रिकॉर्ड भी बना था. वन डे इतिहास की सबसे बड़ी पार्टनरशिप का. गेल और सैमुएल्स ने उस दिन दूसरे विकेट के लिए 372 रन जोड़े थे. ज़िम्बाब्वे ने भी जीतने के लिए जी जान लगा दिया. लेकिन ज़िम्बाब्वे 73 रन पीछे रह गई.