दिल्ली-एनसीआर पर बरसा आंधी-तूफान का कहर

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में रविवार शाम धूल भरी आंधी के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट आ गई। लेकिन इस आंधी से हवाई यातायात व मेट्रो सेवा बाधित हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आईएएनएस से कहा कि आंधी की उच्चतम रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा रही, जिससे शाम चार बजे पारा 39 डिग्री से गिरकर आधा घंटे बाद 25 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इस दौरान आकाश पूरी तरह से काला दिखने लगा था।

दिल्ली व हरियाणा के गुरुग्राम में बहुत से इलाकों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई। हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने कहा कि इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आने वाली 40 उड़ानों के मार्ग शाम 4.15 से 5.30 बजे के बीच खराब दृश्यता व तेज हवाओं के कारण बदल दिए गए।

दिल्ली मेट्रो का संचालन भी प्रभावित हुआ। हजारों यात्री व्यस्त ब्लू लाइन सेवा में 45 मिनट तक फंसे रहे। ब्लू लाइन उत्तर पश्चिम दिल्ली के द्वारका को उत्तर प्रदेश के नोएडा व वैशाली से जोड़ती है। दिल्ली मेट्रो की छह लाइनों में से एक वायलेट लाइन भी बाधित रही। वायलेट लाइन उत्तरी दिल्ली के कश्मीरी गेट को हरियाणा के फरीदाबाद के एस्कार्ट्स व मुजेसर को जोड़ती है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि दोनों मामलों में पेड़ के गिरने से मेट्रो के ओवरहेड वायर क्षतिग्रस्त हुए। दो घंटे के बाद मेट्रो सेवा बहाल हुई तो ट्रेनें रुक-रुक कर चलती रहीं। बारिश व तूफान से कुछ इलाकों में पेड़ व पेड़ों की शाखाए गिर गईं, जिससे यातायात बाधित हुआ। बारिश की वजह से दोपहिया वाहन चालकों को पुलों व फ्लाईओवरों के नीचे शरण लेनी पड़ी। मोटर चालकों को अंधेरे की वजह से रास्ते के लिए अपनी हेडलाइटें जलानी पड़ीं।

दिल्ली अग्निशमन सेवा ने कहा कि राजधानी में तूफान के आने के दो घंटे के भीतर उसे 30 से ज्यादा कॉल पेड़ गिरने व दो कॉल दीवार गिरने से जुड़ी हुई आईं। लेकिन मौसम के बदलते मिजाज ने गर्मी से परेशान दिल्ली वासियों को राहत भी दी है। मौसम विभाग ने दिन के अंत में धूल भरी आंधी के साथ बारिश का अनुमान पहले ही जता दिया था।

निजी मौसम अनुमान एजेंसी स्काईमेट के निदेशक महेश पलावत ने आईएएनएस से कहा कि मौसम में बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से है, जो शनिवार शाम जम्मू एवं कश्मीर व हिमाचल प्रदेश पहुंचा।

उन्होंने कहा, “पश्चिमी विक्षोभ के साथ हरियाणा और उत्तर राजस्थान के पास एक चक्रवात क्षेत्र का निर्माण हुआ। दक्षिण-पूर्व और पूर्वोत्तर हवाएं इस क्षेत्र में नमी और तापमान बढ़ा रहा है, जिससे बादलों का निर्माण हुआ। इस तरह से तूफान राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले क्षेत्र में फैल गया।”

पलावत ने कहा, “दिल्ली कम दबाव वाले क्षेत्र में आता है, लेकिन अब यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ेगा। इससे अगले दो दिनों में दोपहर या शाम में हल्की बारिश की संभावना है। पश्चिमी हवाएं फिर बनेंगी और तापमान 15 मई के बाद फिर बढ़ेगा।”

धूल भरी आंधी के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में भारी से मध्यम बारिश हुई।   मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा कि रविवार सुबह मौसम की सबसे गर्म अवधि रही, जब न्यूनतम तापमान मौसम के औसत से पांच डिग्री ऊपर 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा।