बंगले को ‘खंडहर’ बनाने के बाद अखिलेश ने जो कहा, उसे सुन योगी जी के आंखों में आंसू आ जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 8 जून की रात को लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने सरकारी बंगले की चाभी राज्य सरकार के हवाले कर दी. वैसे पूर्व मुख्यमंत्री महोदय 2 जून को ही बंगला छोड़कर गेस्‍ट हाउस में श‍िफ्ट हो गए थे लेकिन इतने दिन से उनका सामान ट्रक और ट्रॉली में डालकर श‍िफ्ट किया जा रहा था. महोदय के जाने के बाद सरकारी बंगले की तस्‍वीर पूरी बदल गई है.

बंगले की तमाम तरह से भव्य फिनिशिंग की गई थी, लेकिन खाली होने के बाद सब उजड़ गया है. फर्श उखड़ गए है. बंगले में एक बैडमिंटन कोर्ट भी था, जो अब गायब है. कमरों और दीवारों के टाइल्‍स उखाड़ दिए गए हैं. लाइट्स, नेट तो मानो अदृश्य हो गए हो.

इतना ही नहीं सरकारी बंगले की वायरिंग, लाइंटिंग, पावर स्‍विच बोर्ड तक नोच लिए गए हैं. बंगले में मौजूद जि‍म का सामान, एसी, किचन के सामान भी गायब हैं. मतलब एक आलीशान बंगले को ‘खंडहर’ बनाने में कोई कसर नहीं छोडी गई है.

इस बंगले को सीएम रहते हुए खुद अखिलेश ने अपने नाम पर अलॉट करवाया था. बताया जाता है कि इसे तैयार करने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे. मगर अब ये बंगला कहीं से भी पूर्व मुख्यमंत्री आवास नहीं नजर आ रहा हैं. सबसे खास बात, एक वक्त में इस बंगले की फिनिशिंग की चर्चा हुआ करती थी, चर्चा तो एक बार फिर हो रही हैं मगर इस बार बंगले के फिनिशिंग की नहीं इसके फिनिश होने की (फिनिश यहां अंगेजी वाला है)

सरकारी बंगले की बदहाल तस्वीरें सामने आने के बाद अखिलेश यादव ने शनिवार को इसका जवाब दिया. और क्या खूब जवाब दिया. अखिलेश जी ने कहा कि बीजेपी उन्हें बदनाम कर रही है, सरकार उन्हें लिस्ट सौंपे. जो भी नुकसान हुआ है, वह उसकी भरपाई कर देंगे. आगे जो उन्होंने कहा उसे सुन तो योगी जी के आंखों में आंसू आ जाएंगे. अखिलेश जी ने कहा बंगले में बड़ना, कदम और हिम चम्पा आदि पेड़ उन्होंने लगाए थे जो छूट गए हैं, सरकार उन्हें उसे भी लौटाए.